Jai Yeshu
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चढ़ावा गान
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Anup Toppo
लो उपहार पिता पियारे
रोटी दाखरस का उपहार (2)
गेहूँ के दाने पिसकर ज्यों
सुंदर रोटी बनते हैं
सुख-दुःख की चक्की से पिसे
अर्पित रोटी हम बनते हैं ।
एक बूंद जल मिलता है
दाखरस में जो मिलता है
वैसे ही हम मिल जाएँ
येसु मसीह के जीवन में
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