Chorus
अर्पण करूँ तुझे ये जीवन उपहार
स्वीकारो मुझे हे मेरे प्रभु, अर्पण करूँ तुझे। (2)
Verse 1
जीवन दिया तूने, इन्सानों के लिए (2)
जीना सिखा मुझे औरों के लिए
अर्पण….आ-S-S-S-S
Verse 2
तूने दिखायी प्रभु, प्रेम की राह मुझे (2)
दीन-दुखियों का प्रेमी बना मुझे
अर्पण….आ-S-S-S-S
Verse 3
सेवा में तेरी, तूने चुना मुझे (2)
तन-मन सारा जीवन अर्पित है तुझे
अर्पण….आ-S-S-S-S