Chorus
देवालें प्रभु आइज नेवता, वेदी में चला उसरावा चला
अपन दीया बाती धरी, वेदी में चला उसरावा चला (2)
Verse 1
अपन हाथे दीया धरी-धरी
अपन संगे तेल धरी-धरी (2)
प्रभु ठीन जाब सोबे उके परिछाब सोबे
उकर गुणगान करब संगे-संगे
Verse 2
अगर तोहर ठीना तेल आहे
दीया तोहर अगर रहे बरते (2)
दुनिया तोहर नहीं कभी अन्धकार होवी
तोहरे हूँ जाएक परबा संगे-संगे
Verse 3
बरल दीया बिना ठावें नखे
प्रभु केर घर में जगह नखे (2)
अगर रहेक होवी प्रभु केर घर होले
सोभे तैयार रहब संगे-संगे ।