Chorus
क्रूस तूने अपनाया प्रभु
मुक्ति जो मुझको देता
तुझसे दूर रहूँ मैं ये नहीं हो सकता (2)
Verse 1
पावन मस्तक पे है काँटों की चुभन
कोड़ों की मार सहता कमजोर बदन (2)
आँसू बहाऊँ नहीं मैं , ये नहीं हो सकता (2)
Verse 2
नयनों से नीर नहीं खून बहता
छेदित हृदय से पानी झरता (2)
आँसू बहाऊँ नहीं मैं , ये नहीं हो सकता
Verse 3
क्या दोष किया था , कोई तो बताओ
क्या होगा इस जहाँ का , अब तो सुनाओ (2)
आँसू बहाऊँ नहीं मैं , ये नहीं हो सकता (2)