Chorus
ऐ हमारे पिता तू जो स्वर्ग में है
तेरा नाम पाक माना जाए
तेरा राज्य आवे
Verse 1
जैसे कि तेरी मर्जी स्वर्ग में पूरी होती
वैसे ही तेरी मर्जी दुनिया में पूरी हो जाए ।
Verse 2
रोज की रोटी हमारी आज तू हमको दे दे
जीवन की रोटी तू है तू ही हमारा बल है ।
Verse 3
जिस तरह हम अपने अपराधी को माफ करते
उसी तरह तू हमारे अपराध को माफ कर दे
Verse 4
क्योंकि आसमानी बादशाहत और कुब्बत कुदरत
जर और जमीं का जलाल हो हमेशा तेरा ।