Chorus
आकांक्षाओं का फूल सजाकर
अभिलाषाओं का दीप जलाकर आये शरण में
स्वीकार करलो आज स्वामी स्वीकार करलो आज (2)
Verse 1
रोटी दाखरस का ये आहार प्रभु का महती प्यार (2)
पावन बनालो निर्मल बनालो भरो प्रभु निज प्राण (2)
Verse 2
सुन्दर सृष्टि तेरी महिमा गाती सकल जहान् (2)
सुख-दुःख ले लो ममता हमें दो हरो प्रभु सब पाप (2)