Chorus
जीवन का मेरे तू रखवाला
हर पल तू मेरा विधाता है
जीवन की कश्ती फंसती भंवर में
तू ही तो खेवनहारा है ।
Verse 1
जीवन जब होता उदास चाहत की होती प्यास
ठोकर जब मिलती है आहें निकलती हैं
तेरे सहारे बिना होती हैं राहें वीरान (2)
Verse 2
जीवन है इक नगमा जिसकी हर धुन है उदास
राह में है तूफान पाँव का बुझता प्रकाश
मेरे खुदा ये सफर होने लगा सुनसान (2)