Chorus
यह सच्चा है नियम प्रभु का
सुख पाने का इसमें मौका । (2)
Verse 1
न्याय ईश का सत्य रहेगा, निर्मल मन को अनुभव होगा ।
ईशवाक्य यह सदा उचित है, नित्य हृदय को सुखदायक है ।
Verse 2
आज्ञा भी अमला है कितना, आँखों को वह ज्ञानदायिनी ।
भय और आदर शुद्ध ईश का, रूप अबाधित अविचल उसका ।
Verse 3
सत्य-सत्य उसकी आज्ञाएँ, जिनसे सब का हित हो जाए ।
दाम है सोने से भी बढ़कर, पालन करना है जीवनभर ।
Verse 4
मुझपर ना हो उसकी सत्ता, ऐसे कर दो हे शुभकर्त्ता ।
निष्कलंक मैं बन जाऊँगा, महापाप से मुक्त रहूँगा ।