Chorus
आनन्द विभोर हो जाएँ हम आज
प्रभु की वेदी के सामने दिल से
महिमा फैले ऊँचे सिहासन पर
सर्वोच्च ईश्वर का हर जल थल पर
Verse 1
सारी पृथ्वी पर उसका है नाम (2)
कितना मनोहर कितना आश्चर्यमय
Verse 2
पर्वतों को तू सींचता है (2)
अपने ही प्रेम और स्वर्गीय दानों से
Verse 3
सारे देशो तुम जय बोलो (2)
उस असीम ईश्वर का मंगल संगीत