Chorus
डालिया सजायके लाइन हों प्रभु
भेंट हमर ग्रहण काइर लेऊ प्रभु (2)
Verse 1
जिन्दगी केर हर दुःख, धन दौलत सोऊब सुख (2)
चढ़ाथी हमरे प्रभु (2)
Verse 2
गेहूँ केर रोटी, कटोरा में अंगूरी (2)
चढ़ाथी हमरे प्रभु (2)
Verse 3
घर-दुरा सोऊब कुछ, चिन्ता-फिकिर सोच (2)
चढ़ाथी हमरे प्रभु (2)