Chorus
ईश्वर का मंदिर कितना महान
जिसमें बसता है प्रभु भगवान्
ईश्वर का मंदिर कितना महान् {(2)}
Verse 1
प्रभु के प्रांगण में आने को
मेरा हृदय व्याकुल रहता है
उसके सम्मुख मैं कब जाऊँगा
उसके दर्शन मैं कब पाऊँगा
Verse 2
प्रभु के मंदिर में जो रहता है
प्रभु की स्तुति जो करता है
प्रभु उसकी विनती सुनता है
हरदम उसकी अर्जी सुनता है ।