Chorus
करूँ अर्पण तन-मन-धन
प्रभु तुझको आज मेरा
स्वीकार लो प्रभु ये जीवन
सब कुछ है प्रभु तेरा।
करूँ अर्पण
Verse 1
गेहूँ की ये रोटी प्रभु
दाखलता की दाख प्रभु (2)
ग्रहण कर लो इन्हें, पावन कर लो इन्हें (2)
Verse 2
भूमि की ये उपज है सारी
मानव श्रम के फल हैं प्रभु (2)
ग्रहण कर लो इन्हें, पावन कर लो इन्हें (2)
Verse 3
जीवन के सुख-दुःख है अर्पित
जीवन करते तुझे समर्पित (2)
ग्रहण कर लो इन्हें, पावन कर लो इन्हें (2)