Chorus
महिमा (4)
महिमा ऊँचे स्वर्ग में धरती अम्बर स्वर्ग में
धरती में अम्बर में महिमा महिमा (4)
Verse 1
धन्य तुझे हम कहते हैं तेरी प्रशंसा गाते हैं
तेरी आराधना करते हैं तेरी गुणगान गाते हैं
Verse 2
तू ही पिता तू ही ईश है स्वर्ग धरा का स्वामी है
धन्य सदा हम कहते तुझको तेरी महिमा गाते हैं