Chorus
सुन-सुन-सुन मसीहा मेरे मुझको तुमसे ही
प्यार है और मेरे ओठों पे सदा
तेरा ही तेरा ही तेरा नाम है ।
Verse 1
शाम का नजारा तू मसीह, सुबह का सितारा तू मसीह
बेसहारों के जहान में, सच्चा एक सहारा तू मसीह
और रात के अंधेरे में तू ही नूर का एक पैगाम है
Verse 2
जिन्दगी की ये कारवाँ खो गया था जाने कहाँ
तूने राह दिखायी हमें मंजिलों का पाया निशान
तून और खोये हुओं को ढूँढ़ना
ऐ मसीह ऐ मसीह तेरा काम है ।