Chorus
स्वीकारो प्रभु भेंट हमारी (2)
धरती की है उपज सारी (2)
इन पर होवे नजर तुम्हारी (2)
Verse 1
जीवन सुख-दुःख तुझे चढ़ाते
हृदय के उद्गार तुझे चढ़ाते (2)
अपना लो प्रभु करो इन्हें पावन (2)
Verse 2
रोटी दाखरस तुझे चढ़ाते
अपना प्रेम तुझे दर्शाते (2)
अपना लो प्रभु करो इन्हें पावन (2)
Verse 3
धन-दौलत हम तुझे चढ़ाते
तेरे वरदान तुझे चढ़ाते (2)
अपना लो प्रभु करो इन्हें पावन (2)