Chorus
तेरे दर पे प्रभु मैं आयी (आया), होके आज तैयार
मेरी जिन्दगी तेरी सेवा में (2)
करो तुम स्वीकार (2)
Verse 1
तेरे प्यार में छोड़ा घर द्वार, करना चाहा प्रेम प्रचार (2)
हर इंसान का कर दे उद्धार (2)
बाँटू मैं तेरा प्यार (2)
Verse 2
पुकारा नाम लेके मेरा तूने, स्वीकारा है बुलावा मैंने (2)
तेरे संग-संग मेरे प्रभुवर (2)
बाँटू मैं तेरा प्यार (2)
Verse 3
निशि दिन तेरा मैं करूँ गुणगान,
करता/करती रहूंगा/रहूँगी प्रेम प्रचार –{(2)}
हाथ पकड़कर मुझे सिखाना (2)
करना सबको प्यार (2)