Verse 1
यहोवा मेरा भजन का विषय है, यहोवा (2)
मैं तो प्रभु का भजन गाऊँगा
क्योंकि प्रतापी ठहरा है वह
Verse 2
मैं तो तुझमें सारा जीवन बिताऊँगा, यहोवा (2)
मैं तो प्रभु का भजन गाऊँगा
क्योंकि प्रतापी ठहरा है वह
Verse 3
मैं तो तुझमें शरण स्थान बनाऊँगा, यहोवा (2)
मैं तो प्रभु का भजन गाऊँगा
क्योंकि प्रतापी ठहरा है वह